तनहाइयों मे मुस्कुराना इश्क़ है, एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है, यूँ तो नींद नही आती हमें रात भर, मगर सोते सोते जागना और जागते जागते सोना इश्क़ है| गुड नाईट
नींद जब मुझे आघोष मैं लेती है , आपका चेहरा निगाहूँ में बस जाता है , एक दम से मेरी आँख खुल जाती है , दिल से बे सखा ये आवाज़ आती है , . . . . . " अम्मी भूत"
साथ ना छूटे आप से कभी यह दुआ करता हूँ, हाथों में सदा आपका हाथ रहे बस यही फरियाद करता हूँ, हो भी जाये अगर कभी दूरी हमारे दरमियान, दिल से ना हों जुदा, रब्ब से यही इल्तिजा करता हूँ। शुभ रात्रि...
मिलने आयेंगे आपसे ख़्वाबों में... जरा रोशनी के दिए भुजा दीजिये , अब और नहीं होता इंतज़ार आपसे मुलाक़ात का , अपनी आँखों के पलके गिरा दीजिये । गुड नाईट ! शुभ-रात्रि ! शब्बा खैर ! स्वीट ड्रीम..!!
मिलने आयेंगे आपसे ख़्वाबों में... जरा रोशनी के दिए भुजा दीजिये , अब और नहीं होता इंतज़ार आपसे मुलाक़ात का , अपनी आँखों के पलके गिरा दीजिये । गुड नाईट ! शुभ-रात्रि !
Aapse milne ke baad ab aapko khona nhi chahte, Ek pyari si khushi milne k baad rona nhi chahte, Neend toh bahut hain humari aankhon mein, Magar aapse baat kare bina sona nahi chahte..!